शनिवार, 31 अगस्त 2019

Poet For Girls

हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी 




हर घर का चाँद है बेटी घर का सम्मान है बेटी
घरों में खुशियां लाती है बेटी
माँ बाप का सम्मान करती है बेटी
घर में हो बेटी तो खुशियोँ से भरा रहता है घर सारा
उनके बिना  घर सुना हो जाता है सारा
हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी
अपने परिवार  गौरव बढ़ाती है बेटी
उस कुदरत का अनमोल तौफा है बेटी
घर को धन धान्य रखती है बेटी
जिस घर में हो बेटी
खुशियों को समेटे रखती है बेटी
हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी
माँ बनकर कभी बच्चों को सिख देती है बेटी
तो कभी शिखिका बनकर ज्ञान की बात बताती बेटी
कभी  बेटी बनकर अपने माँ बाप की सेवा करती है बेटी
तो कभी बहु बनकर के घर को सवाँरती है बेटी
हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी
बेटी है तो सुन्दर है जग सारा
इनके बिना नहीं तो क्या है यहाँ प्यारा
सच कहें तो नौ देवियों का प्रतिरूप है बेटी
इनको करो सदा सम्मान
दो छोटे बड़े सभी को ज्ञान
हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी
इनकी करो सदा सुरक्षा
तभी तो अपना धरती होगा अच्छा
घर को स्वर्ग बनती है ये बेटी
फूलों की तरह घर को महकाती है बेटी
भवरों के जैसे घर में गुनगुनाती है बेटी 
हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी
सदा करती है ये सभी का सम्मान
सबको मानती है ये एक समान
अन्नपूर्णा की मूरत होती 
 सरस्वती की सुरत  होती है बेटी
सच कहें तो खुशियों को संजोती है ये बेटी
हर घर का चाँद है बेटी 
घर का सम्मान है बेटी  


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