शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

Jamin se ashman tak

जमीं से उस  आसमाँ तक , मेरी मंजिल नजर आये वहां तक 


जमीं से उस  आसमाँ तक , 
मेरी मंजिल नजर आये वहां तक 
शुरू से लेकर अंत तक ,
 तेरा पीछा करूँगी  वहां तक 
जब तक ये साँस चलेगी तब तक, 
ये जूनून जिन्दा रहेगी  आदि से अंत तक 
 जमीं से उस आसमाँ  तक , 
मेरी मंजिल नजर आये वहां तक 
तुमको  हांसिल करने के  उस अंतिम वक्त तक 
मेरा वक्त रहेगा तब तक 
सब कुछ हाँसिल न कर लूँ तब तक 
मेरा ये प्रण रहेगा तब तक 
जमीं से उस आसमाँ  तक , 
मेरी मंजिल नजर आये वहां तक 
ये जिंदगी रहेगी तब तक 
मेरी एक मंजिल पैदा होगी तब तक 
आज है ये जिंदगी शायद न बचे कल तक 
बस तो ये जूनून रहेगा उस आखरी तड़फ  तक 
जमीं से उस आसमाँ  तक , 
मेरी मंजिल नजर आये वहां तक 
जिंदगी मेरी बची रहे दूसरे का  दुःख के अंतिम घड़ी  तक 
खुदा के रहमे करम है हम सब तक 
इस  रात की समां बुझने तक 
इस जीवन के अंतिम सासों तक 
जमीं से उस आसमाँ  तक , 
मेरी मंजिल नजर आये वहां तक 



_________________________________________________________________________________





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Jamin se ashman tak

जमीं से उस  आसमाँ तक , मेरी मंजिल नजर आये वहां तक  जमीं से उस  आसमाँ तक ,  मेरी मंजिल नजर आये वहां तक  शुरू से लेकर अंत तक ,  त...