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जीवन में राहें खुद बनाती है
मंजिल भी खुद ढूँढ लेती है
रास्ते चाहे कैसे भी होती है ,अपने उड़ने की ताकत ढूँढ लेती है
रास्ते कैसे भी क्यों न हो, रास्ते की हमराही ढूँढ लेती है
खुद पर हो अगर fo”okl तो मंजिल भी विनर ढूँढ लेती है
जीवन में राहें खुद बनाती है
जिसको मंजिल की तलाश हो ,उसे नींद कभी न आती है
कड़ी मेहनत से ही मंजिल मिलती
नहीं तो बिना मेहनत कुत्ते को भी रोटी नहीं मिलती है
अपने इरादे रखो नेक ,मंजिल भी साथी ढूँढ लेती है
जीवन में राहें खुद बनाती है
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nice article
जवाब देंहटाएंyou are good writer. brilliant your job.
जवाब देंहटाएंVery nice bro
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